250 रुपये की टिकट के लिए हजारों यात्री रहे परेशान, पढ़ें पूरी खबर

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World wide City Live, जालंधर (आंचल) : सफर के दौरान यात्री की 205 रुपये की टिकट न काटने पर कंडक्टर आफ रूट करने की खामियाजा पांच दिन तक यात्रियों को भुगतना पड़ा। हड़ताल की वजह से करोड़ों का नुकसान हुआ। पांच दिन की भारी परेशानी के बाद अब कोई जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है।

पंजाब रोडवेज के बटाला डिपो के कंडक्टर पृथिपाल सिंह को आफ ड्यूटी कर जांच शुरू करने के प्रकरण में मात्र यात्री पिसते नजर आए। सरकारी खजाना को चपत लगी। अब जबकि प्रथिपाल सिंह पर दर्ज केस रद करने के बाद इतने दिनों तक यात्रियों की परेशानी की जिम्मेदारी न तो कोई अफसर ले रहा है, न कोई अधिकारी।

एक सप्ताह पहले पंजाब रोडवेज के चेकिंग स्टाफ ने बस की जांच में पाया था कि एक यात्री की टिकट नहीं काटी गई थी। चेकिंग स्टाफ ने कंडक्टर के खिलाफ रिपोर्ट तैयार की, जिसके बाद कंडक्टर प्रिथपाल सिंह को आफ रूट कर जांच के आदेश जारी किए थे।

विभागीय कार्रवाई से खफा होकर कंडक्टर प्रिथपाल सिंह पानी की टंकी पर चढ़कर बैठ गया और कांट्रेक्ट वर्कर्स यूनियन ने हड़ताल शुरू कर दी। पहले पंजाब रोडवेज के 18 डिपो बंद किए गए और फिर उसके बाद पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (पीआरटीसी) के कान्ट्रेक्ट वर्कर्स भी हड़ताल पर चले गए।

यूनियन ने बसों का चक्का जाम कर दिया जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। अंतरराज्यीय रूटों एवं ग्रामीण क्षेत्र के लिए बसें मिलना मुश्किल हो गईं। जब समस्या विकराल हो गई तो प्रबंधन ने कंडक्टर को आन रूट कर जांच करने की बात कही। मैनेजमेंट को दबाव में देख यूनियन केस खारिज करने की मांग पर अड़ गई। आखिरकार दबाव में आए प्रबंधन ने केस खारिज कर दिया। इसके बाद कंडक्टर को भी पानी की टंकी से नीचे उतार लिया गया।

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