शर्तों पर सिद्धू की सियासत, हाईकमान की बैठक से पहले अब चन्नी सरकार को घेरा

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Navjot Singh Sidhu
Navjot Singh Sidhu

कांग्रेस (Congress) महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल (KC Venugopal) और पंजाब मामलों के प्रभारी हरीश रावत (Harish Rawat) के साथ नई दिल्ली में आज शाम 6 बजे अपनी बैठक से पहले प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) ने एक बार फिर से कांग्रेस हाईकमान पर दबाव बनाने की कोशिश की है और कहा है कि वह मुद्दों पर समझौता नहीं करेंगे. सिद्धू ने कैप्टन अमरिंदर सिंह की तर्ज पर अपनी ही सरकार के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी (Chief Minister Charanjit Singh Channi) को भी घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ी. उन्होंने कहा कि वह किसी भी सूरत में समझौता नहीं करेंगे, हाईकमान का शुक्रगुजार हूं लेकिन समझौता करके आगे नहीं बढ़ा जा सकता. जानकारों का कहना है कि सिद्धू की राजनीति अभी भी शर्तों पर ही टिकी हुई है.

पीसीसी प्रमुख सिद्धू ने बेअदबी, पुलिस फायरिंग के मामलों में शीघ्र न्याय एवं नशा तस्करी मामले में कार्रवाई जैसे मुद्दों पर अडिग रहने की बात कही है. उन्होंने कहा कि उनके पंजाब मॉडल में निजी हाथों में जा रहे पंजाब के पैसे की लूट को रोकना, प्रदेश का राजस्व बढ़ाना, रोजगार पैदा करना, माफिया राज खत्म करना और फसल विविधीकरण के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि करना है. कांग्रेस हाईकमान अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सिद्धू और मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को एक ही मंच पर लाना चाहती है.

पीपीसीसी प्रमुख ने ट्विटर पर चन्नी सरकार को 18 सूत्री एजेंडे के बारे में याद दिलाया है. उन्होंने राजनीतिक दिग्गजों से जुड़े करोड़ों रुपये के ड्रग रैकेट मामले में विशेष कार्य बल (एसटीएफ) द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट पर लंबित कार्रवाई की ओर भी इशारा किया है. जिससे कांग्रेस आला कमान की समस्याएं कम होती दिखाई नहीं दे रही हैं.

अपनी मीडिया टीम के साथ बातचीत का एक वीडियो ट्विटर पर साझा करते हुए सिद्धू ने कहा कि वह इन मुद्दों पर अपने रुख पर कायम हैं. उनकी मीडिया टीम ने कहा कि पीपीसीसी प्रमुख “इन मुद्दों और अपनी नैतिकता से समझौता किए बिना” पार्टी की सेवा करना जारी रखेंगे. हालांकि पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत ने एक ट्वीट में कहा था कि सिद्धू से संबंधित संगठनात्मक मामलों पर चर्चा की जानी है.

घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि पार्टी नेतृत्व सिद्धू से यह स्पष्ट करना चाहता है कि वह 28 सितंबर को ट्विटर पर अपना इस्तीफा पोस्ट करने के बाद वास्तव में क्या चाहते हैं. आलाकमान उन्हें राज्य इकाई बनाने और मजबूत करने के अलावा, राज्य इकाई को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कह सकता है.

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