डिमेंशिया से बचना है तो शुरू से ही सूजनरोधी फलों का सेवन करें -नई स्टडी

0

Ant-inflammatory fruits prevent dementia: डिमेंशिया (dementia ) बुजुर्गों के लिए बहुत बड़ी समस्या है. वैसे तो बुढ़ापे के साथ ही अधिकांश लोगों में कई तरह जटिलताएं परेशान करने लगती हैं. लेकिन अगर इस उम्र में भूलने की भी बीमारी हो जाए, तो यह कितनी बड़ी समस्या हो सकती है, इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है. डिमेंशिया में सामान्य बोध भी खत्म होने लगता है. डिमेंशिया के कारण ब्रेन में दिक्कत आने लगती है. इससे अल्जाइमर (Alzheimer) की बीमारी होती है.

यूरोप और अमेरिका में बुजुर्गों के लिए डिमेंशिया बहुत बड़ी समस्या है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के मुताबिक विश्व में 5.5 करोड़ लोग डिमेंशिया से पीड़ित है और हर साल एक करोड़ नए लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं. वैज्ञानिक इस बीमारी का इलाज खोजने की बहुत कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अब तक इसका कोई ठोस निदान नहीं निकला है.

डेलीमेल की खबर के मुताबिक एक अध्ययन से इस बीमारी पर पहले से काबू पाने की दिशा में महत्वपूर्ण बातें सामने आई है. अध्ययन में पाया गया है कि एंटी-इंफ्लामेटरी फ्रूट (सूजनरोधी फलों ), चाय और कॉफी डिमेंशिया के जोखिम को एक तिहाई तक कम कर सकता है.एंटी-इंफ्लामेटरी डाइट का मतलब ऐसी डाइट से है जिन्हें खाने से शरीर की कोशिकाओं में सूजन नहीं होती.

सप्ताह में 20 एंटी-इंफ्लामेटरी फ्रूट्स से डिमेंशिया को जोखिम कम

अध्ययन में दावा किया गया है कि सुबह में एक कप चाय, एक कप कॉफी, एंटीइंफ्लामेटरी फ्रूट (सूजनरोधी फलों ) , सब्जी, फलीदार सब्जी आदि का सेवन करने से डिमेंशिया के जोखिम को बहुत कम किया जा सकता है. यह अध्ययन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अल्जाइमर की बीमारी आमतौर पर 60 के बाद ही होती है. लोगों को पहले से पता नहीं रहता कि यह बीमारी होने वाली है, इसलिए अगर लोग पहले से अपनी डाइट में ये चीजें शामिल करें, तो उनमें डिमेंशिया का जोखिम बहुत कम हो सकता है. इस अध्ययन में एक हजार से ज्यादा लोगों को शामिल किया गया और उन्हें एंटी-इंफ्लामेटरी फ्रूट (सूजनरोधी फलों )  दिया गया. इसके बाद तीन सालों तक इन पर नजर रखी गई. इनमें से अधिकांश लोगों को एंटी-इंफ्लामेटरी डाइट दी गई. इनके डाइट में हर सप्ताह 20 फल, 19 सर्विंग सब्जी, चार सर्विंग फलीदार सब्जी और 11 कप चाय या कॉफी शामिल किया गया. तीन साल के बाद अध्ययन के नतीजे चौंकाने वाले थे.

डाइट में परिवर्तन से बचाव’

अध्ययन में शामिल जिन लोगों ने एंटी इंफ्लामेटरी डाइट को शामिल नहीं किया, उनमें डिमेंशिया का जोखिम तीन गुना ज्यादा था. यूनिवर्सिटी ऑफ एथेंस (University of Athens in Greece) के प्रोफेसर और अध्ययन के लेखक डॉ निकोलस स्कारमेस (Dr Nikolaos Scarmeas) ने बताया कि अध्ययन के नतीजों में पाया गया कि लोग एंटी इंफ्लामेटरी डाइट को शामिल कर अपने ब्रेन को हेल्दी बना सकते हैं. उन्होंने कहा कि लोग अपनी डाइट में परिवर्तन कर आसानी से अल्जाइमर के जोखिम से बच सकते हैं. इसके बहुत कम मेहनत की जरूरत है. सिर्फ एंटी-इंफ्लामेटरी फल और सब्जियों का सेवन करना होगा.

एंटी-इंफ्लामेटरी फूड
टमाटर, ऑलिव ऑयल, हरी पत्तीदार सब्जी, पालक, कोलार्ड, बादाम, अखरोट, सेलमन मछली, टूना मछली, सार्डिन मछली, स्ट्रॉबेरी,ब्लूबेरी, चेरी, संतरे, आदि.

.

.

Source link

News Website in Jalandhar
News Website in Jalandhar

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here