क्या है लिवर डिटॉक्स, क्या ये सच में आपके लिवर को फायदा पहुंचाता है?

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Liver Detox is Good or Harmful : आज कल के भागदौड़ भरे लाइफस्टाइल में अगर थोड़ा भी टाइम अपने शरीर को दें, हम कई बीमारियों से बच सकते हैं. और महामारी के दौर में तो लोग अपनी सेहत को लेकर ज्यादा सतर्क हो गए हैं. आज हम अपनी बॉडी को एक्टिव और फिट रखने के लिए वो सब कुछ करना चाहते हैं जो आप कर सकते हैं. आज हम आपको बताते हैं कि लिवर डिटॉक्स (Liver Detox) के बारे में. लिवर डिटॉक्स, क्लींज (Cleanse) और फ्लश एक ऐसा प्रोसेस है जो आपकी बॉडी से विषाक्त पदार्थों यानी टॉक्सिन्स (Toxins) को बाहर निकालने, वजन कम करने या आपकी हेल्थ को बेहतर बनाने का दावा करता है. लेकिन अमेरिकी वेबसाइट वेब एमडी (WebMD)की रिपोर्ट इस दावे की कुछ अलग ही सच्चाई बयां करती है. इस रिपोर्ट के मुताबिक, अगर आपको लगता है कि आपको लिवर डिटॉक्स की जरूरत है, तो आपको पता होना चाहिए कि यह आपके लिए बहुत कुछ नहीं कर सकता है.

आपका लिवर आपके शरीर के सबसे बड़े अंगों में से एक है. यह शरीर के वेस्ट को हटाने में मदद करता है और कई पोषक तत्वों और दवाओं को संभालता है. ज्यादातर लोग सोचते हैं कि बहुत अधिक शराब पीने या अनहेल्दी फूड के बाद डिटॉक्स उनके लिवर को विषाक्त पदार्थों को निकालने में मदद करेगा. कुछ लोगों को उम्मीद है कि ये उनके लिवर को रोजाना बेहतर तरीके से काम करने में मदद करेगा. बहुत से लोग मानते हैं कि इससे लिवर की बीमारी के इलाज में मदद मिलेगी.

अधिकांश डिटॉक्स की तरह, लिवर की सफाई के स्पेसिफिक स्टेप्स होते हैं. इसमें आपको कई दिनों तक व्रत या केवल जूस या अन्य तरल पदार्थ पीने के लिए कहा जा सकता है. आपको निर्धारित डाइट लेने या हर्बल या डाइट्री सप्लीमेंट लेने की आवश्यकता हो सकती है. डिटॉक्स कराने वाले आपको कई तरह के प्रोडक्ट्स खरीदने की सलाह भी देते हैं.

क्या लिवर डिटॉक्स सुरक्षित है?
डिटॉक्स के बारे में इतनी जानकारी लेने के बाद आपके मन में सवाल आएगा कि क्या लिवर डिटॉक्स सेफ है? तो आपको बता दें कि लिवर की बीमारियों के लिए मेडिकल ट्रीटमेंट हैं. लेकिन अभी तक ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिली है जिससे ये साबित होता हो कि डिटॉक्स प्रोग्राम या सप्लीमेंट्स लिवर में हुए डैमेज को ठीक कर सकते हैं. जबकि सच्चाई ये है कि डिटॉक्स आपके लिवर को नुकसान पहुंचा सकते हैं. कई स्टडीज से पता चला है कि हर्बल और डाइट्री सप्लीमेंट्स से लिवर इंजरी बढ़ रही हैं. उदाहरण के लिए, ग्रीन टी का अर्क हेपेटाइटिस से इस तरह के डैमेज का कारण बन सकता है. और कुछ परहेजों में शामिल कॉफी एनीमा (coffee enemas) इंफेक्शन और इलेक्ट्रोलाइट (electrolyte) समस्याओं का कारण बन सकता है, जो घातक हो सकता है.

डिटॉक्स प्रोग्रैम्स और प्रोडक्ट्स के बारे में जानने योग्य अन्य बातें

– कुछ कंपनियां ऐसी सामग्री का उपयोग करती हैं जो हानिकारक हो सकती हैं. कुछ ऐसी भी हैं जिन्होंने झूठे दावे किए हैं कि वे गंभीर बीमारियों का कितना अच्छा इलाज करते हैं.
– अनपाश्चुराइज़्ड जूस (Unpasteurized juices) आपको बीमार कर सकता है, खासकर अगर आपकी उम्र अधिक है या आपका इम्यून सिस्टम कमजोर है.
– यदि आपको गुर्दे की बीमारी (kidney disease) है, तो एक ऐसी क्लींज जिसमें बड़ी मात्रा में जूस शामिल है, आपकी बीमारी को और भी बदतर बना सकती है.

– यदि आपको डायबिटीज है, तो ऐसी डाइट शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से चेक जरूर कर लें, जो आपके आमतौर पर खाने के तरीके को बदल देती है.
– यदि आप डिटॉक्स प्रोग्राम के हिस्से के रूप में फास्टिंग या व्रत करते हैं, तो आप कमजोर या बेहोश महसूस कर सकते हैं, सिरदर्द हो सकते हैं या डिहाईड्रेट हो सकते हैं.
– यदि आपको हेपेटाइटिस बी है जिससे लिवर खराब हो गया है, तो फास्टिंग या व्रत करने से नुकसान और भी बढ़ सकता है.

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