पंजाब में बड़े अफसरों के बिना चलेंगे सरकारी ऑफ‍िस, पढ़ें पूरी खबर

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World wide city live, चंडीगढ़: पंजाब सिविल सर्विसेज के अधिकारी (Punjab Civil Services Officers) आज से सामुहिक अवकाश पर चले गए हैं. पंजाब सिविल सर्विसेज के ऑफिसर्स एसोसिएशन ने पंजाब विजिलेंस ब्यूरो (Punjab Vigilance Bureau) द्वारा भ्रष्टाचार के एक मामले में लुधियाना RTA नरिंदर सिंह धालीवाल की गिरफ्तारी के विरोध में आज यानी सोमवार से पांच दिनों के सामूहिक आकस्मिक अवकाश पर जाने का फैसला किया है. पीसीएस एसोसिएशन, विजिलेंस (Vigilance) की कार्रवाई से नाराज है, जिसके कारण यह फैसला लिया गया है.

PCS एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. रजत ओबेरॉय ने कहा कि एक स्थानीय क्लब में राज्य भर के पीसीएस अधिकारियों की बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया. बताया गया कि बैठक में पंजाब भर से लगभग 80 अधिकारी उपस्थित थे. दो पेज के लंबे प्रस्ताव में, एसोसिएशन ने यह भी कहा कि नरिंदर सिंह धालीवाल की गिरफ्तारी में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17ए के तहत कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया. एसोसिएशन ने मांग की है कि सरकार धालीवाल की अवैध गिरफ्तारी की जांच के लिए एक समिति का गठन करे और शुक्रवार (13 जनवरी) तक रिपोर्ट मांगे. समिति में प्रमुख सचिव रैंक के वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के साथ-साथ एक पीसीएस अधिकारी और परिवहन विभाग के प्रतिनिधि शामिल होने चाहिए.

ये है पूरा मामला

गौरतलब है कि पंजाब विजिलेंस ने शुक्रवार को पीसीएस अधिकारी नरिंदर धालीवाल को ट्रांसपोर्टरों से रिश्वत के रूप में पैसा वसूल कर एक संगठित अपराध चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया था. यह कार्रवाई सीएम की भ्रष्टाचार निरोधक हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायत के आधार पर की गई. विजिलेंस के एक प्रवक्ता ने कहा था कि जांच से पता चला है कि धालीवाल कुछ निजी व्यक्तियों के माध्यम से मासिक आधार पर रिश्वत की रकम वसूला करते थे. जिसके बाद जांच में यह पाया गया कि उन्हें 4 लाख रुपये की रिश्वत की रकम मिली, जिसमें से उन्होंने 1,70,000 रुपये खुद के लिए इस्तेमाल किए और शेष रिश्वत की रकम पंजाब होम गार्ड्स (पीएचजी) बहादर सिंह को सौंप दी गई.

बैठक में ये प्रस्ताव किए गए शामिल

पीसीएस एसोसिएशन की बैठक में दो पेज के लंबे प्रस्ताव में 7 मत पास किए गए. एसोसिएशन ने बैठक में ये 7 प्रस्ताव रखे.

1. बैठक में संकल्प लिया गया कि पीसीएस एसोसिएशन हमेशा भ्रष्टाचार के खिलाफ है और रहेगा.

2. संकल्प लिया गया कि 9 जनवरी 2023 से राज्य के सभी पीएससी (PSकि) अधिकारी सामुहिक अवकाश पर रहेंगे.

3. यह निर्णय लिया गया कि तारसेम चंद का मामला अभी भी लंबित है. बताया गया कि उन्हें गलत मामले में फंसाया गया था. बैठक में मांग की गई मामले तारसेम चंद मामले में जल्द से जल्द रिपोर्ट फाइनल की जाए. उन्हें पूरी तरह दोषमुक्त करते हुए, फंसाने वाले लोगों पर FIR दर्ज कर कार्रवाई की जाए.

4. यह कहा गया कि कि नरिंदर सिंह धालीवाल के मामले में विजिलेंस ने एक व्यक्ति के वीडियोग्राफिक बयान के आधार पर उन्हें असंवैधानिक रूप से गिरफ्तार किया है. बताया गया कि बयान देने वाले व्यक्ति के खिलाफ पहले से ही FIR दर्ज है. एसोसिएशन ने मांग की है कि सरकार धालीवाल की अवैध गिरफ्तारी की जांच के लिए एक समिति का गठन करे और शुक्रवार (13 जनवरी) तक रिपोर्ट मांगे. समिति में प्रमुख सचिव रैंक के वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के साथ-साथ एक पीसीएस अधिकारी और परिवहन विभाग के प्रतिनिधि शामिल होने चाहिए.

5. यह निर्णय भी लिया गया कि एसोसिएशन की इन मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के साथ मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव (कार्मिक), सचिव (सतर्कता) और सचिव (परिवहन) को ज्ञापन सौंपा जाएगा.

6. एसोसिएशन ने उनकी लंबे समय से लंबित और मांगों पर सरकार की रुचि नहीं लेने पर नाराजगी जाहिर की. कहा गया कि विभिन्न स्तरों पर बार-बार गुहार लगाने के बावजूद आज तक विचार नहीं किया गया.

7. यह भी तय किया गया कि आगे की कार्रवाई तय की जाएगी और शनिवार यानी 14 जनवरी को स्थिति की समीक्षा बैठक की जाएगी.

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