घर के छोटे से कमरे से शुरू करें इस हरी सब्‍जी का बिजनेस, लागत से 10 गुना तक होगी कमाई, जानें क्या है प्रोसेस?

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देश के ज्‍यादातर घरों में सर्दियों के मौसम में अधिकतर सब्जियों में हरी मटर (Green Peas) का इस्‍तेमाल किया जाता है. सर्दियां आ चुकी हैं और किसानों ने मटर की बुआई कर ली है या इसी हफ्ते कर ली जाएगी. किसान मटर की फसल से सर्दियों के मौसम में ही मोटी कमाई (Earn Money) करते हैं. आप इसी हरी मटर को प्रोसेस कर लागत के मुकाबले 10 गुना तक कमाई कर सकते हैं. आज हम आपको बता रहे हैं कि आप कैसे किसानों या मंडियों से हरी मटर लेकर उससे फ्रोजन मटर बनाकर अपना बिजनेस शुरू (Frozen Green Peas Business) कर तगड़ा मुनाफा कमा सकते हैं.

कितनी जगह की होगी जरूरत?
फ्रोजन मटर का कारोबार आप अपने घर के छोटे से कमरे से ही शुरू कर सकते हैं. हालांकि, बड़े स्‍तर पर कारोबार करना चाहते हैं तो आपको 4000 से 5000 वर्ग फुट जगह की जरूरत पड़ेगी. वहीं, छोटे स्‍तर पर बिजनेस शुरू करने पर हरी मटर छीलने के लिए कुछ मजदूरों की जरूरत होगी. वहीं, बड़े लेवल पर आपको मटर छीलने वाली मशीनों की जरूरत पड़ेगी. साथ ही आपको कुछ लाइसेंस भी चाहिए होंगे. अगर बड़े पैमाने पर कारोबार करना चाहते हैं तो विज्ञापन पर भी खर्च करना होगा.

किस भाव मिलेंगे मटर के दाने?

कारोबार शुरू करने के लिए आप सर्दियों में किसानों से 10 रुपये प्रति किग्रा के दाम पर हरी मटर खरीद सकते हैं. दो किग्रा हरी मटर में करीब 1 किग्रा दाने निकलते हैं. आसान शब्‍दों में समझें तो आपको हरी मटर के दाने 20 रुपये प्रति किग्रा के भाव पर पड़ेंगे. इसके बाद आप इन मटर के दानों को प्रोसेस कर थोक में 120 रुपये प्रति किग्रा के भाव पर बेच सकते हैा. वहीं, अगर आप फ्रोजन मटर के पैकेट्स को सीधे खुदरा दुकानदारों तक पहुंचाते हैं तो आपको इसके 200 रुपये प्रति किग्रा तक मिल सकते हैं.

कब शुरू करें कारोबार की तैयारी?

मटर के दानों की मांग पूरे साल बनी रहती है. इन्‍हें आप नजदीकी दुकानों, रेस्टोरेंट, ढाबे में सीधे पहुंचाकर मोटी कमाई कर सकते हैं. बेहतर होगा कारोबार शुरू करने से पहले आप अपने आसपास के बाजार में मटर की सालाना मांग का अंदाजा लगा लें. फिर उसी हिसाब से हरी मटर खरीदें और फिर प्रोसेस करें. हरी मटर सिर्फ दिसंबर से फरवरी के बीच उपलब्‍ध होती है. लिहाजा, पूरे साल फ्रोजन मटर का कारोबार करने के लिए आपको अभी तैयारी करनी होगी.

कैसे बनाई जाती है फ्रोजन मटर?

मटर को छीलने के बाद उसे करीब 90 डिग्री सेंटिग्रेट के तापमान तक ले जाया जाता है. फिर मटर के दानों को 3-5 डिग्री सेंटिग्रेट तक ठंडे पानी में डाला जाता है. इससे सभी बैक्टीरिया मर जाते हैं. इसके बाद मटर को करीब -40 डिग्री तक के तापमान में रखा जाता है. इससे मटर जम जाती है. फिर मटर के दानों को अलग-अलग वजन के पैकेट्स में पैक कर बाजार में पहुंचा दिया जाता है.

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